'धमकियों के आगे झुकना...', जेनेवा में बातचीत से पहले ईरानी विदेश मंत्री अराघची की चेतावनी, ट्रंप को दी नसीहत

'धमकियों के आगे झुकना...', जेनेवा में बातचीत से पहले ईरानी विदेश मंत्री अराघची की चेतावनी, ट्रंप को दी नसीहत

Published at : 2026-02-16 13:12:52
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए जिनेवा पहुंच गए हैं. यहां उन्होंने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर दो टूक कहा कि धमकियों के आगे झुकना इस डील का हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान एक निष्पक्ष और समान समझौते के पक्ष में है.धमकियों के आगे झुकना डील का हिस्सा नहीं: अब्बास अराघचीअब्बास अराघची ने कहा, 'मैं जिनेवा में हूं, जहां एक निष्पक्ष और समान समझौते को हासिल करने के लिए वास्तविक विचारों के साथ हूं. धमकियों के आगे झुकना टेबल (डील का हिस्सा) नहीं है.' ईरान और अमेरिका के बीच इनडायरेक्ट बातचीत का दूसरा राउंड मंगलवार (17 फरवरी 2026) को होगा और इसमें फिर से ओमान मध्यस्थता की भूमिका निभाएगा. बातचीत का पहला राउंड पिछले हफ्ते मस्कट में हुआ था, जिसे दोनों पक्षों ने अच्छी शुरुआत बताया था. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन को संबोधित करना भी अराघची की योजना में शामिल है.ईरान-अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुई बातचीतइजरायल-यूएस ने जून 2025 को ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था और दावा किया कि परमाणु साइट्स को काफी नुकसान पहुंचा है. उसके बाद ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. इसके बाद तेहरान और वाशिंगटन ने फरवरी में फिर से बातचीत शुरू की. व्हाइट हाउस ने शनिवार (14 फरवरी 2026) को ही पुष्टि की थी कि वाशिंगटन ने मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर को बातचीत के लिए भेजा है.अमेरिका की ईरान को चेतावनीअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कह चुके हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले बातचीत चाहते हैं, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं. ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है. वह 60 फीसदी तक यूरेनियम एनरिचमेंट कर रहा है, जो हथियारों के ग्रेड के बेहद करीब है. ट्रंप प्रशासन ने दो टूक कहा है कि ईरान को किसी भी कीमत पर यूरेनियम एनरिचमेंट की अनुमति नहीं दी जा सकती.राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवा (13 फरवरी 2026) को ऐलान किया कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत 'यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड' कैरिबियन से मध्य पूर्व भेजा जा रहा है. ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी.