1300 से ज्यादा जिंदगियां मौत की जद में समाईं, हजारों अब भी लापता, भारत ने काठमांडू भेजी राहत की 8वीं खेप

1300 से ज्यादा जिंदगियां मौत की जद में समाईं, हजारों अब भी लापता, भारत ने काठमांडू भेजी राहत की 8वीं खेप

Published at : 2026-09-09 19:07:54
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी मुल्क नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से जो तबाही मची है, उसे ठीक करने के लिए रेस्क्यू टीम लगी हुई है। त्रासदी की स्थिति में भारत-नेपाल की हर संभव मदद कर रहा है। भारत अब-तक 35 टन की राहत सामग्री भेज चुका है। बुधवार (9 सितंबर) को राहत सामग्री से भरी 8वीं खेप भेजी गई। इस आफत ने 1,340 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि राहत और बचाव का सामान लेकर भारत की आठवीं उड़ान काठमांडू पहुंच चुकी है। इसे नेपाल के मंत्री महाबीर पुन को सौंपा गया है। यह भी पढ़े - नेपाल पर पड़ी कुदरत की दोहरी मार, विनाशकारी तबाही के बाद भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 5.0 रही तीव्रता विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, भारत अपने राहत और बचाव कार्य जारी रखे हुए है। आईएएफ का आठवां विमान 35 टन राहत और बचाव सामग्री लेकर काठमांडू के लिए रवाना हो गया है। इसमें एनडीआरएफ का सामान, बचाव का सामान, फोरेंसिक सामाग्री और सेना की टीम के लिए जरूरी सामान शामिल हैं।' जायसवाल ने कहा, 'हमने नेपाल के लोगों और सरकार के प्रति एकजुटता और सहानुभूति जाहिर की है, और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के तौर पर, भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद जारी रखेगा। हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है। जल्द ही कुछ और सामग्री भी भेजी जाएगी। हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें जमीन पर काम कर रही हैं। वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं।' यह भी पढ़े - भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में हैः राजनाथ सिंह आगे उन्होंने बताया, 'फोरेंसिक टीम अभी काठमांडू की दो लैब में काम कर रही है, जहां वे 1200 DNA सैंपल पर काम कर रहे हैं। हम नेपाल की जरूरत के हिसाब से मदद जारी रखेंगे। जैसा कि मैंने पिछली बार बताया था, इस आपदा में 275 भारतीय नागरिक लापता हैं। अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। जिन 275 लापता भारतीय नागरिकों का मैंने जिक्र किया, उनमें वे 49 लोग भी शामिल हैं जो चीन की तरफ लापता हुए थे। इसके अलावा जायसवाल ने कहा, भारत सरकार आपदा के बाद से ही भारतीय नागरिकों की सक्रिय रूप से मदद कर रही है। उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने और मदद के लिए भारत, बीजिंग और काठमांडू में 24×7 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। 26 अगस्त की बाढ़ में मौतों का आकड़ा नेपाल अपदा में अब तक 1,377 लोगों की जान जा चुकी है। 5,326 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे में 6,827 लोग घायल हुए हैं। बाढ़ से 7,570 घर टूट गए या उन्हें नुकसान पहुंचा है। चीन से व्यापार करने वाले रास्ते भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रसुवागढ़ी और तातोपानी बॉर्डर के रास्ते खराब होने से करीब 500 से 600 कंटेनर फंसे हुए हैं। 200 से ज्यादा नेपाली कंटेनर बाढ़ में बह चुके हैं। यह भी पढ़े - 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' दुनिया के सबसे बड़े फिनटेक मंचों में शामिल, भारतीय बाजार पर वैश्विक निवेशकों और कंपनियों की नजर इंफोसिस के सह-संस्थापक