खर्ग पर अमेरिका कब करेगा कब्जा? ईरान में मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर ट्रंप ने कर दिया चौंकाने वाला खुलासा

खर्ग पर अमेरिका कब करेगा कब्जा? ईरान में मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर ट्रंप ने कर दिया चौंकाने वाला खुलासा

Published at : 2026-03-30 01:36:16

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का आज (31वां दिन) है. ईरान के साथ छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है. ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि US 'ईरान से तेल ले सकता है' और वह 'स्ट्रेटेजिक खार्ग आइलैंड पर कब्ज़ा करने पर विचार कर रहा है.' ट्रंप ने पाकिस्तान के जरिए ईरान के साथ इनडायरेक्ट बातचीत में प्रोग्रेस का दावा किया. कहा, 'डील काफी जल्दी हो सकती है.'

ट्रंप ने कहा, उनकी पहली प्राथमिकता ईरान के तेल पर कब्जा करना है. उन्होंने अपने इस संभावित कदम की तुलना वेनेजुएला से की, जहां अमेरिका ने जनवरी में निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद तेल पर कंट्रोल हासिल किया था.

जंग के चलते तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को करीब एक महीना पूरा होने को आया है. युद्ध के चलते तेल की कीमतों में 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है. सोमवार (30 मार्च) को एशिया में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है. यह जंग शुरू होने के बाद अपने उच्चतम स्तर पर है.

क्या बोले ट्रंप ?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, सच कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान के तेल पर कब्जा करना है, लेकिन अमेरिका में कुछ 'मूर्ख लोग' कहते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं?' वह मूर्ख लोग हैं.' उन्होंने कहा ईरान के तेल के साथ खर्ग द्वीप पर कब्जा करना भी योजनाओं में शामिल है, जिसके जरिए ईरान का ज्यादातर तेल निर्यात होता है.

खर्ग द्वीप पर कब्जे को लेकर दिया बयान

ट्रम्प ने इंटरव्यू के दौरान कहा, 'हो सकता है हम खारग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है न करें. हमारे पास कई विकल्प हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'इसका मतलब यह भी होगा कि हमें कुछ समय के लिए खर्ग द्वीप पर रहना होगा.'

मिडिल ईस्ट में बढ़ाई सैनिकों की तैनाती

बता दें कि ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है. जमीनी कार्रवाई के लिए पेंटागन ने 10 हजार सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है. शुक्रवार को करीब 35 सैनिकों को इस इलाके में भेजा जा चुका है. जिनमें लगभग 2200 मरीन शामिल हैं. 2,200 और मरीन रास्ते में हैं, जबकि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों को भी इस क्षेत्र में भेजा गया है.