ईरान से किसी भी कीमत पर डील करना चाहते हैं ट्रंप? जेडी वेंस को भेजेंगे पाकिस्तान, क्या है अमेरिका का प्लान?

ईरान से किसी भी कीमत पर डील करना चाहते हैं ट्रंप? जेडी वेंस को भेजेंगे पाकिस्तान, क्या है अमेरिका का प्लान?

Published at : 2026-03-26 13:50:40

ईरान और अमेरिका-इजरायल में तनाव की आंच अब दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंच चुकी है. अमेरिका अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन ईरान अपनी जिद पर डटा है. इस बीच पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने की बात कही. ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के मकसद से बातचीत के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं. अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान के खुद को एक अहम मीडिएटर के तौर पर पेश करने के बाद इस हफ्ते इस्लामाबाद में एक मीटिंग अरेंज करने की तैयारी चल रही है.

PAK जा सकते हैं वेंस

रिपोर्ट में कहा गया है कि शायद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ जेडी वेंस पाकिस्तान जा सकते हैं. इससे पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बात की थी.

पेजेशकियान ने की शहबाज शरीफ से बात

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बात की. इस बीच व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान निर्धारित समय से आगे चल रहे हैं और अपने मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुंच रहे हैं. वहीं वॉशिंगटन तेहरान के साथ सार्थक बातचीत जारी रखे हुए है, जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को समाप्त करना है.

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने क्या बताया?

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया से कहा कि अमेरिका ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के मुख्य लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है. उन्होंने कहा, 'सिर्फ तीन हफ्तों से थोड़ा अधिक समय में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक बड़ी सैन्य जीत साबित हुआ है.'

उन्होंने बताया कि अब तक 9,000 से अधिक दुश्मन ठिकानों पर हमला किया जा चुका है. लेविट ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 140 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिसे कैरोलिन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तीन हफ्तों में किसी नौसेना के सबसे बड़े विनाश के रूप में बताया.

कैरोलिन लेविट ने कहा, हर गुजरते दिन के साथ हमारे सैन्य प्रयास अधिक सफल हो रहे हैं और ईरान की व्यापारिक जहाजों को डराने की क्षमता लगातार कम हो रही है. इस अभियान ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए शिपिंग को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है.