ट्रंप का NATO देशों पर फूटा गुस्सा, बोले- हमें किसी की मदद की जरूरत नहीं, ईरान की सेना को कर दिया तबाह

ट्रंप का NATO देशों पर फूटा गुस्सा, बोले- हमें किसी की मदद की जरूरत नहीं, ईरान की सेना को कर दिया तबाह

Published at : 2026-03-17 16:14:32
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सहयोगियों, खासकर नाटो देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिकांश नाटो 'सहयोगियों' ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में शामिल होने से इनकार कर दिया है. ट्रंप के मुताबिक, यह तब हो रहा है जब लगभग हर देश इस बात से सहमत था कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने नाटो को एक ऐसा 'एकतरफा रास्ता' बताया जहां अमेरिका तो सबकी रक्षा करता है, लेकिन बदले में उसे कुछ नहीं मिलता. ईरान की सैन्य शक्ति खत्म करने का दावा सहयोगियों से मदद न मिलने के बावजूद ट्रंप ने अपनी सेना की बड़ी जीत का एलान किया है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की मिलिट्री को लगभग खत्म कर दिया है. ट्रंप के शब्दों में, "ईरान की नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायुसेना खत्म हो गई है, उनके एंटी-एयरक्राफ्ट और रडार सिस्टम भी अब नहीं रहे." इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान का नेतृत्व लगभग हर स्तर पर खत्म कर दिया गया है, ताकि वे भविष्य में कभी अमेरिका या उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों के लिए खतरा न बन सकें. 'हमें किसी की मदद की जरूरत नहीं' ट्रंप ने अपने बयान में जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों का भी जिक्र किया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि चूंकि अमेरिका को इतनी बड़ी सैन्य सफलता मिल चुकी है, इसलिए अब उन्हें नाटो देशों या किसी भी अन्य सहयोगी की सहायता की न तो जरूरत है और न ही इसकी कोई इच्छा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है और वह अपनी रक्षा करने और दुश्मनों को खत्म करने में पूरी तरह सक्षम है. ट्रंप का यह बयान उनके 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे को और मजबूती से पेश करता है. सहयोगियों पर अरबों डॉलर खर्च करने का दिया हवाला अपने पोस्ट में ट्रंप ने इस बात पर भी दुख जताया कि अमेरिका हर साल इन देशों की सुरक्षा के लिए सैकड़ों अरबों डॉलर खर्च करता है. उन्होंने कहा कि उन्हें सहयोगियों के इस कदम से कोई हैरानी नहीं हुई है, क्योंकि वे हमेशा से ऐसे ही रहे हैं. ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर दशकों पुराने सैन्य गठबंधनों पर सवाल उठाता है. ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच ट्रंप का यह 'अकेले चलो' वाला संदेश आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा बदल सकता है. ये भी पढ़ें- भारत किन-किन देशों से पेट्रोलियम करता है आयात, क्यों इतना खास है होर्मुज स्ट्रेट?