
रूस इलेक्शन: धमाकेदार जीत की ओर पुतिन, 'यूनाइटेड रशिया' रुझानों में आगे
रूस में संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुकी है. तीन दिनों तक चले इलेक्शन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ कोई भी नेता मजबूती से उभर कर सामने नहीं आया. शुरुआती रुझानों में पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है. इलेक्शन के दौरान वोटिंग में गड़बड़ी के भी आरोप लगे.
केंद्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार 56.66 प्रतिशत वोटिंग हुई. रुझानों में यूनाइटेड रशिया जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है. इंटरफैक्स के एग्जिट पोल के अनुमान को मानें तो यूनाइटेड रशिया को 49.4 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. कम्युनिस्ट पार्टी को 14.2 प्रतिशत मिलने की संभावना है. वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रूस को 10.7 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं.
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन रविवार को मॉस्को में मतदान केंद्र बंद हो गए. देश में तीन दिनों तक मतदान कराया गया, जिसकी शुरुआत शुक्रवार से हुई थी. 11.1 करोड़ मतदाताओं के बीच मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए ऑनलाइन वोटिंग को भी प्रोत्साहित किया गया. मतदाताओं ने दो अलग-अलग बैलेट पर वोट डाला. 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा की आधी सीटों के लिए राजनीतिक दलों को वोट दिया गया, जबकि बाकी सीटों पर सिंगल-सीट निर्वाचन क्षेत्रों में व्यक्तिगत उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ.
रूस के पश्चिमी हिस्सों में मतदान समाप्त होने के कुछ घंटों के भीतर शुरुआती नतीजे आने की उम्मीद है. क्रेमलिन समर्थक यूनाइटेड रशिया के निचले सदन में अपना मजबूत नियंत्रण बनाए रखने की व्यापक उम्मीद जताई जा रही है. वहीं, ‘सिस्टमेटिक विपक्ष’ में शामिल कई छोटी पार्टियों के भी संसद में अपनी मौजूदगी बरकरार रखने की संभावना है. ये दल प्रमुख मुद्दों पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के साथ अक्सर मतदान करते रहे हैं.
वोटिंग में गड़बड़ी के आरोप
रूस में हुए इलेक्शन में गड़बड़ी के आरोप भी लगे हैं. याब्लोको और कम्युनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया कि उनके कई पर्यवेक्षकों को वोटिंग सेंटर में एंट्री नहीं दी गई. पार्टियों ने सीलबंद बैलेट बॉक्स खोले जाने, मतदान केंद्रों को रात में सुरक्षित नहीं किए जाने और पेपर बैलेट जारी नहीं करने जैसी शिकायतें कीं. इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
सेंट पीटर्सबर्ग में याब्लोको के एक पर्यवेक्षक को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसके बाद वह कथित तौर पर बेहोश हो गया. वहीं, रूस के कब्जे वाले डोनेत्स्क क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर हथियारबंद रूसी सैनिक की मौजूदगी में लोगों ने वोट डाला.
मॉस्को में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग को लेकर भी विवाद
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रमुख एला पामफिलोवा ने कहा कि मॉस्को की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली पर साइबर हमले हुए. उनके मुताबिक हमले लगातार और बड़े पैमाने पर किए गए, लेकिन सिस्टम काम करता रहा.
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