24 घंटे में 3 बड़े ईरानी लीडर्स की मौत! मोसाद ने पलट दिया वॉर का नैरेटिव? ईरान में सत्ता परिवर्तन की नई साजिश...

24 घंटे में 3 बड़े ईरानी लीडर्स की मौत! मोसाद ने पलट दिया वॉर का नैरेटिव? ईरान में सत्ता परिवर्तन की नई साजिश...

Published at : 2026-03-19 04:57:56
Three top leaders of Iran were killed in the last 24 hours: ईरान-अमेरिका-इजरायल वॉर में एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं. बीते 24 घंटों की बात करें तो इस युद्ध में तीन टॉप ईरानी लीडर्स की मौत हो चुकी है. इनके नाम हैं अली लारिजानी, इस्माइल खातिब और गुलामरेजा सुलेमानी. इन सभी की मौत इजरायली एयरस्ट्राइक में हुई है और ये सभी युद्ध जीताने के दिग्गज माने जाते थे. वॉर जोन में मौजूद न्यूज नेशन के रिपोर्टरों से खबरें आ रही हैं कि इन हमलों के बाद ईरान में लीडरशिप का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोसाद ने इस बार सिर्फ टारगेट किलिंग नहीं फुलप्रूफ प्लान बनाकर वॉर का पूरा नैरेटिव ही पलट दिया है. ये भी पढ़ें: 'इजरायल ने बम मारा तो जूस पी​ती रहीं लड़कियां...', देखें वीडियो कौन थे ये तीनों लीडर्स? अली लारिजानी ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख थे. वो पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के सबसे करीबी माने जाते थे. इस्माइल खातिब के बारे में बताएं तो वह इंटेलिजेंस मिनिस्टर थे और देश की खुफिया एजेंसी चलाते थे. जबकि गुलामरेजा सुलेमानी बासिज फोर्स के कमांडर थे, जो प्रोटेस्ट दबाने में अहम भूमिका निभाते थे. बता दें इन तीनों की मौत से ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हिल गई है. मोसाद ने कैसे किए यह ऑपरेशन? इजरायली डिफेंस मिनिस्टर इजरायल काट्ज ने खुद कहा कि ये 'टारगेटेड स्ट्राइक्स' हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक मोसाद ने महीनों से ईरान के अंदर नेटवर्क सक्रिय कर रखा था. एक-एक करके लीडर्स के लोकेशन की जानकारी जुटाई गई और फिर एयरस्ट्राइक में काम तमाम किया गया. ईरानी मीडिया ने इसे मोसाद की नई साजिश बता रही है. क्या सच में ईरान में सत्ता परिवर्तन की नई साजिश? खामेनेई की मौत के बाद लारिजानी ही देश चला रहे थे. अब उनके जाने से पावर वैक्यूम बन गया है. कई विश्लेषक कह रहे हैं कि यह इजरायल-अमेरिका की प्लानिंग का हिस्सा हो सकता है ताकि ईरान में नया रिजीम आए. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बदला लेने की कसम खाई है लेकिन अंदरूनी अस्थिरता बढ़ रही है. इजरायल ईरान के आरोप प्रत्यारोप, भारत पर क्या असर? इजरायल ने कहा कि ये हमले ईरान की 'दमनकारी नीतियों' के खिलाफ थे. ईरान ने तीनों को 'शहीद' बताया है. वॉर के वर्तमान हालत की भारत पर असर पर बात करें तो यहां तेल और गैस की कीमतें पहले ही बढ़ रही हैं. अगर युद्ध लंबा चला तो भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी महंगा हो सकता है. FAQ Q1. बीते 24 घंटे में ईरान के किन तीन लीडर्स की मौत हुई है? उत्तर- बीते 24 घंटे में अली लारिजानी, इस्माइल खातिब और गुलामरेजा सुलेमानी की इजरायली एयरस्ट्राइक्स में मौत हुई है. Q2. मोसाद की इसमें क्या भूमिका है? उत्तर- इंटेलिजेंस और लोकेशन की जानकारी मुहैया कराने में मौसाद की भूमिका है. जबकि इजरायल खुद टारगेटेड किलिंग का श्रेय ले रहा है. Q3. क्या ईरान में सत्ता बदल जाएगी? उत्तर- संभावना है, फिलहाल लीडरशिप संकट गहरा रहा है और नया रिजीम बनने की चर्चा तेज हो गई है. Q4. भारत को तेल संकट का खतरा कितना है? उत्तर- भारत में तेल संकट का खतरा हाई है. होर्मुज स्ट्रेट अगर प्रभावित रहा तो कीमतें और बढ़ेंगी. Q5. ईरान का अगला कदम क्या हो सकता है? उत्तर- जवाबी मिसाइल हमले या खाड़ी देशों के तेल प्लांट्स पर अटैक की धमकी पहले ही दी जा चुकी है. युद्ध खत्म! ईरान ने उठाया ये बड़ा कदम...