
अमेरिकी कोर्ट से ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका, 46 अरब डॉलर के बॉर्डर प्रोजेक्ट पर लगाई रोक
Published at : 2026-10-03 04:26:03
US News: अमेरिका की एक कोर्ट से ट्रंप प्रशासन को बड़ा छटका लगा है. दरअसल, टेक्सास की एक फेडरल कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को राज्य के बिग बैंड इलाके में बॉर्डर वॉल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर अस्थाई रोक लगाने का आदेश दिया है. टेक्सास की संघीय अदालत ने इस मामले में शुक्रवार (स्थानीय समय) को फैसला सुनाया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बिग बेंड क्षेत्र में प्रस्तावित बॉर्डर वॉल और उससे जुड़े अन्य निर्माण कार्य को फिलहाल आगे बढ़ाने से रोक दिया है. कोर्ट ने क्यों लगाई निर्माण पर रोक? बता दें कि फेडरल कोर्ट का ये आदेश आदेश उन स्थानीय जमीन मालिकों, कारोबारियों और पर्यावरण समूहों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जिन्होंने सीमा पर प्रस्तावित निर्माण परियोजनाओं का विरोध किया था. ट्रंप प्रशासन की व्यापक सीमा सुरक्षा योजना में दक्षिणी सीमा पर करीब 30 फीट ऊंची स्टील बैरियर, वाहनों की आवाजाही रोकने वाले अवरोध, नई सड़कें और निगरानी से जुड़ी तकनीक स्थापित करने की योजना शामिल है. इस पूरी परियोजना पर करीब 46 अरब डॉलर खर्च होने की उम्मीद है. मामले की सुनवाई करते हुए जज कैथलीन कार्डोन ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास अपने कम से कम एक दावे में सफल होने की पर्याप्त संभावना है. अदालत ने यह भी माना कि निर्माण पर रोक नहीं लगने की स्थिति में उन्हें गंभीर और ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई बाद में संभव नहीं होगी. इसके अलावा, अदालत के मुताबिक न्याय और सार्वजनिक हित का संतुलन भी याचिकाकर्ताओं के पक्ष में जाता है. वहीं कोर्ट के इस फैसले पर अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई. बिग बेंड में दीवार का विरोध क्यों? बता दें कि बॉर्डर वॉल का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि बिग बेंड का दुर्गम और बेहद ऊबड़-खाबड़ इलाका पहले से ही अवैध सीमा पार करने में बड़ी प्राकृतिक बाधा पैदा करता है. ऐसे इलाके में बड़े पैमाने पर दीवार और अन्य ढांचागत निर्माण की जरूरत पर सवाल उठते हैं. विरोध करने वाले समूहों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासन ने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए कई पर्यावरणीय और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से छूट देने वाले प्रावधानों का इस्तेमाल किया, जो उनके मुताबिक कानून की भावना के खिलाफ है. खबर अभी अपडेट हो रही है....