CJP Protest: बांग्लादेश में तख्तापलट करने वाले छात्र नेता ने प्रदर्शनकारियों का किया समर्थन, उमर-शरजील को बताया हीरो

CJP Protest: बांग्लादेश में तख्तापलट करने वाले छात्र नेता ने प्रदर्शनकारियों का किया समर्थन, उमर-शरजील को बताया हीरो

Published at : 2026-10-10 17:54:48
CJP Protest: लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे भारत के युवाओं के साथ हम पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं....यह कहना है कि बांग्लादेशी प्रदर्शनकारी नाहिद इस्लाम का. नाहिद इस्लाम वही व्यक्ति है, जिसने बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ सड़कों पर छात्रों को इकट्ठा किया और देश भर में बड़ा विद्रोह छेड़ दिया. नाहिद इस्लाम वही व्यक्ति है, जिसने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंका. बांग्लादेश में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने वाले नाहिद अब भारत में लोकतंत्र मजबूत करने की दुहाई दे रहा है. नाहिद ने जारी किया सॉलिडैरिटी स्टेटमेंट दरअसल, शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की चाक-चौबंदी की वजह से शुरू ही नहीं हो सका. प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए हजारों लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. ऐसे में शनिवार शाम बांग्लादेश की नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के संयोजक, 13वीं जातीय संसद के चीफ व्हिप और छात्र आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे नाहिद इस्लाम ने भारतीय युवाओं और लोकतांत्रिक ताकतों के समर्थन में एक लंबा-चौड़ा ‘सॉलिडैरिटी स्टेटमेंट’ जारी किया. उमर खालिद और शरजील इमाम को बताया साऊथ एशिया का हीरो नाहिद ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि ‘हम भारत के उन युवाओं के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं जो चुनावी जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं’. इसके अलावा, उसने उमर खालिद और शरजील इमाम का भी समर्थन किया. नाहिद ने उमर और शरजील को जमीर का कैदी करार दिया और दोनों को पूरे दक्षिण एशिया के युवाओं का प्रेरणास्रोत करार दिया. नाहिद ने शाहीन बाग, जेएनयू और जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुए प्रदर्शनों को लोकतंत्र की विरासत बताया. बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंदुओं का कत्लेआम हुआ नाहिद इस्लाम ही वह व्यक्ति है, जिसके नेतृत्व में तख्तापलट हुआ और लोकतंत्र का खुला मजाक उड़ाया गया. इसी तख्तापलट के बाद पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हुआ. मंदिर, दुर्गापंडालों के साथ-साथ हिंदु परिवारों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जलाया गया. हिंदुओं का सड़कों पर दिन-दहाड़े कत्लेआम हुआ. सरकारी नौकरी कर रहे हिंदुओं से जबरन इस्तीफा तक लिया गया. आज बांग्लादेश में हिंदुओं का जीना दुशवार हो चुका है.