
अमेरिकी टैरिफ से भारत को बड़ी राहत, 60 देशों पर नया टैरिफ का ऐलान, जानें इंडिया को क्या होगा फायदा
Published at : 2026-07-24 01:20:24
US Tariffs: भारत को अमेरिकी टैरिफ में बड़ी राहत मिली है. अमेरिका ने गुरुवार को धारा 301 के तहत कई देशों के लिए 10% और 12.5% के नए टैरिफ स्लैब की घोषणा की है. इसमें भारत को 10% वाले कम टैरिफ की श्रेणी में रखा गया है. अधिकारियों ने बताया कि पहले भारत पर 12.5% टैरिफ लगाने की योजना थी, लेकिन दोनों देशों के बीच श्रम (लेबर) से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत के बाद भारत को राहत दी गई और उसे 10% टैरिफ वाली श्रेणी में शामिल किया गया. इस फैसले से भारत को पहले प्रस्तावित दर की तुलना में कम टैरिफ का लाभ मिलेगा. A US official exclusively told ANI that India was slated for 12.5% tariff, but based on productive discussions about labour practices, they got 10% tariff under Section 301 of the Trade Act of 1974. — ANI (@ANI) July 23, 2026 पहले लगने वाला था 12.5 प्रतिशत टैरिफ अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि भारत को मूल रूप से 12.5 प्रतिशत टैरिफ के लिए विचार किया गया था, लेकिन श्रम प्रथाओं पर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत के बाद इसे 10 प्रतिशत श्रेणी में रखा गया. अमेरिकी आयकर विभाग के अनुसार, भारत उन 17 देशों में शामिल है जिन पर 10 प्रतिशत का कम टैरिफ लागू होगा. इस श्रेणी में यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, इंडोनेशिया, मैक्सिको और बांग्लादेश जैसे 17 देश शामिल हैं. यह भी पढ़ें: अपनी शर्त से पलटे राष्ट्रपति ट्रंप, जब्त ईरानी पैसे का करेंगे ये प्रयोग, आंतरिक कलह के बाद लिया फैसला 60 अर्थव्यवस्थाओं पर लिया फैसला अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने गुरुवार को 60 देशों पर 10% से 12.5% तक नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया. यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लिया गया है। अमेरिका का कहना है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने सामान के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं. इसी वजह से अमेरिका ने इन देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का फैसला किया है. 60 अर्थव्यवस्थाओं पर लिया फैसला अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने गुरुवार को 60 देशों पर 10% से 12.5% तक नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया. 10% से 12.5% तक के नए टैरिफ शुक्रवार से लागू हो जाएंगे. इनका असर भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (EU), कनाडा और जापान जैसे अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर पड़ेगा. हालांकि, भारत को 10% वाले कम टैरिफ की श्रेणी में रखा गया है, जिससे उसे अन्य देशों की तुलना में कुछ राहत मिली है. क्यों हुई टैरिफ की कार्रवाई? अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर राजदूत जैमीसन ग्रीर ने 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने की अंतिम मंजूरी दी है. अमेरिका का कहना है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने सामान के आयात पर रोक लगाने और उस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। इसी वजह से उन पर टैरिफ लगाया गया है. दरअसल, 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को यह अधिकार देती है कि अगर कोई देश अनुचित व्यापारिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ टैरिफ या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. यह भी पढ़ें: अमेरिकी संसद में ट्रंप को बड़ा झटका, ईरान में जंग रोकने का प्रस्ताव पास; 4 रिपब्लिकन सांसदों ने भी दिया साथ