Gulf में जहाज पर भीषण हमला, Oman की Navy ने चलाया Rescue Operation, 20 नाविकों को बचाया

Gulf में जहाज पर भीषण हमला, Oman की Navy ने चलाया Rescue Operation, 20 नाविकों को बचाया

Published at : 2026-03-11 15:27:54
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में एक व्यापारिक जहाज पर हमले की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार थाई नौसेना ने एक बयान जारी कर बताया कि जहाज पर हुए हमले की परिस्थितियों और कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बता दें कि इस हमले में जहाज पर सवार कई नाविक खतरे में फंस गए थे। ओमान की नौसेना ने बचाव अभियान चलाते हुए बीस नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया है। गौरतलब है कि अभी भी तीन अन्य नाविकों की तलाश जारी है और उन्हें बचाने के लिए समुद्र में अभियान चलाया जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार जिस जहाज पर हमला हुआ है उसका नाम मयूरे नरी बताया जा रहा है। यह जहाज करीब एक सौ अठहत्तर मीटर लंबा है और इसका वजन लगभग तीस हजार टन के आसपास बताया गया है। इसी बीच समुद्री व्यापार से जुड़े निगरानी केंद्र ने भी जानकारी दी है कि खाड़ी क्षेत्र में हाल ही में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन हमलों में मयूरे नरी भी शामिल जहाजों में से एक है या नहीं। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बता दें कि अट्ठाईस फरवरी को इजरायल ने अमेरिका के समर्थन के साथ ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और उन पश्चिम एशियाई देशों पर हमले किए जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार ईरान ने कई बार यह चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमले जारी रहते हैं तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री मार्गों को निशाना बना सकता है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक कच्चा तेल और ऊर्जा संसाधनों की बड़ी मात्रा में आपूर्ति की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में हमलों की घटनाएं बढ़ती हैं तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। मौजूद जानकारी के अनुसार फिलहाल संबंधित देशों की नौसेनाएं समुद्री मार्गों की सुरक्षा बढ़ाने और फंसे हुए नाविकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रही हैं।