स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:जीवन को सुंदर बनाने के लिए क्या करें; 6 बातें ध्यान रखेंगे, तो सभी से स्नेह मिल सकता है
Published at : 2026-10-10 23:00:00
जीवन को सुंदर, शांतिपूर्ण और सफल बनाने के लिए केवल बाहरी बातें ही नहीं, बल्कि हमारे भीतर विनयशीलता, सहजता और स्वाभाविकता जैसे गुणों का होना भी जरूरी है। ये गुण हमारी मूल प्रकृति का हिस्सा हैं, जिन्हें हम जीवन की भागदौड़, अहंकार में कहीं पीछे छोड़ देते हैं। जब हम अपने सहज, सरल, निष्कपट और पवित्र स्वरूप को पहचानते हैं, तब हमारा व्यवहार मधुर और आकर्षक बन जाता है। सभी से स्नेह पाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए... 1. विनयशीलता एक आभूषण है। विनयशील होना केवल दूसरों के सामने झुकना नहीं, बल्कि अपने अहंकार को कम करना और हर व्यक्ति के लिए सम्मान का भाव रखना है। विनम्रता हमारे व्यक्तित्व को सुंदर बनाती है। 2. अपनी मूल प्रकृति को पहचानें। हमारी मूल प्रकृति सहज, सरल और स्वाभाविक रहना है। जन्म से ही हमारे अंदर निष्कपटता और निर्दोषता विद्यमान है। इन गुणों को भूलना नहीं चाहिए। 3. सहजता को जीवन का आधार बनाएं। जब हम बनावटीपन से दूर रहते हैं, तब हमारा व्यवहार स्वाभाविक बनता है। सहज व्यक्ति को स्वयं को श्रेष्ठ सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती। उसकी सरलता ही उसकी पहचान बन जाती है। 4. निश्चलता बनाए रखें। निश्चलता का अर्थ है मन में छल-कपट, ईर्ष्या और द्वेष जैसे भावों को स्थान न देना। स्वच्छ भावनाएं हमारे विचारों को सकारात्मक बनाती हैं और जीवन में मानसिक शांति प्रदान करती हैं। 5. अहंकार से दूर रहें। अहंकार व्यक्ति को अपनी वास्तविकता से दूर कर देता है। विनम्रता हमें यह समझाती है कि हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखा जा सकता है। यह दृष्टिकोण हमारे व्यक्तित्व का निरंतर विकास करता है। 6. पवित्रता को विचारों में उतारें। हमारे विचार ही हमारे व्यवहार का निर्माण करते हैं। इसलिए विचारों में सद्भाव, वाणी में मधुरता और कर्मों में ईमानदारी बनाए रखना जरूरी है। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।