डीपीसी के लिए भेजा प्रस्ताव:पीडब्ल्यूडी में 8-9 को हो सकती है एसई से सीई प्रमोशन की डीपीसी, पिछली बार लौटा था प्रस्ताव

डीपीसी के लिए भेजा प्रस्ताव:पीडब्ल्यूडी में 8-9 को हो सकती है एसई से सीई प्रमोशन की डीपीसी, पिछली बार लौटा था प्रस्ताव

Published at : 2026-10-01 00:00:00
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अधीक्षण यंत्री (एसई) से मुख्य अभियंता (सीई) के 20 रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक 8 या 9 अक्टूबर को होने की संभावना है। विभाग की ओर से मुख्य सचिव को डीपीसी के लिए प्रस्ताव भेजकर इन दोनों तारीखों में से समय मांगा गया है। तारीख तय होते ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। पदोन्नति पर पिछले लगभग दस वर्षों से लगी रोक के कारण लोक निर्माण विभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। वर्तमान स्थिति यह है कि विभाग में कोई भी रेगुलर चीफ इंजीनियर और ईएनसी नहीं है। वरिष्ठता के आधार पर एसई स्तर के अधिकारियों को ही ईएनसी और सीई का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यानी दो उच्च पदों के प्रभार दिए गए हैं। एसई से सीई पदोन्नति का यह मामला पिछले तीन महीनों से अटका हुआ है। पूर्व में जब इस संबंध में डीपीसी बुलाई गई थी, तब तत्कालीन मुख्य सचिव अनुराग जैन के समक्ष अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) को लेकर कुछ गंभीर आपत्तियां और विवाद सामने आए थे। सीआर से जुड़े पेंच फंसने के कारण तत्कालीन मुख्य सचिव ने डीपीसी का पूरा फोल्डर प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी को लौटा दिया था, जिससे पूरी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब एक बार फिर 8 या 9 अक्टूबर को डीपीसी आयोजित करने के लिए मुख्य सचिव से समय मांगा गया है। खास बात यह है कि इस चरण में जिन अधिकारियों की पदोन्नति होनी है, उनमें से कई ऐसे हैं जिनकी सेवा का केवल एक या दो साल का कार्यकाल ही शेष बचा है। यहां पेंच सीनियरिटी का फंसा विभाग में सहायक यंत्रियों (एई) से कार्यपालन यंत्री (ईई) पद के लिए डीपीसी पूरी हो चुकी है। इसके तहत 174 एई को ईई पद पर पदोन्नत किया गया है, लेकिन उनकी रेगुलर पोस्टिंग अभी नहीं हुई है। ये पुराने ईई के प्रभार में ही काम कर रहे हैं। दूसरी ओर, 2019 तक के एई को ईई बनाया गया है, जबकि पहले से प्रभारी ईई के रूप में कार्यरत कुछ अधिकारी डीपीसी में क्लियर नहीं हुए। जिन अधिकारियों के ‘लिफाफे बंद’ हैं, उन्हें खोलने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद वरिष्ठ एई को नियमित ईई के रूप में पदस्थ किया जाएगा। वहीं, पदोन्नति प्रक्रिया में सफल नहीं हुए प्रभारी ईई की जगह नए नियमित ईई की तैनाती की जा सकेगी।